ग्रीन मॉर्निंग के जनक प्रदीप सारंग
वर्ष 1969 की 20 अक्टूबर को बाराबंकी के ग्राम कमरावां में जन्मे श्री प्रदीप सारंग एक समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता, साहित्यकार एवं जनसेवक हैं, जो कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपने निरंतर सक्रिय योगदान से युवाओं में सकारात्मक एवं प्रेरणादायक वातावरण सृजित करते रहते हैं। उनका जीवन समाज सेवा, शिक्षा, पर्यावरण-संरक्षण और जन-जागरूकता के कार्यों के लिए समर्पित है। श्री सारंग जी, युवाओं को संगठित कर सामाजिक गतिविधियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा जनहित अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
ग्रामीण विकास, मतदाता जागरूकता, रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण, गौरैया संरक्षण, कपड़ा-बैंक तथा अवधी-भाषा-संस्कृति के संरक्षण संवर्धन जैसे कार्यों में उनकी विशेष रुचि है। प्रदीप सारंग को उनके उत्कृष्ट सामाजिक योगदान के लिए समय-समय पर अनेक सम्मान-पत्र, प्रशस्ति-पत्र और पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। जिनमें 1987-88 में इंडिया गेट पर गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को आयोजित भारत की राष्ट्रीय परेड में शामिल होना तथा राष्ट्रीय सेवा कार्यों हेतु 1989 में तत्कालीन राज्यपाल उत्तर प्रदेश के कर कमलों से स्वामी विवेकानंद सम्मान पुरस्कार प्राप्ति अति विशेष हैं।
प्रदीप सारंग की कार्यशैली में समाज के प्रति समर्पण, नेतृत्व क्षमता और जनसेवा की सच्ची भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। श्री सारंग न केवल एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं, बल्कि एक कवि एवं प्रेरणास्रोत व्यक्तित्व भी हैं, जो अपने कार्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास कर रहे हैं।
धरती पर हरियाली बढ़ाने, तथा जनजन की पसंदगी में हरियाली को शामिल कराने के उद्देश्य से विश्व पर्यावरण दिवस 05 जून 2019 को ग्रीन गैंग की स्थापना एवं अभिवादन में गुड-मॉर्निंग, गुड आफ्टरनून, गुड इवनिंग तथा गुड नाइट के स्थान पर क्रमशः ग्रीन-मॉर्निंग, ग्रीन आफ्टरनून, ग्रीन इवनिंग, ग्रीन नाइट को अपनाना इनका सर्वोत्कृष्ट अभियान है।
प्रदीप सारंग द्वारा समाज के समग्र विकास के लिए विभिन्न जन-जागरूकता एवं सेवा-आधारित अभियानों का संचालन किया जा रहा है। ये अभियान समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से निरंतर सक्रिय हैं।
हरियाली-अभियान
“ग्रीन गैंग” प्रदीप सारंग द्वारा शुरू किया गया एक प्रेरक हरियाली अभियान है, जिसका उद्देश्य जनमानस में पर्यावरण प्रेम और हरियाली-पसन्दगी विकसित करना है।
परिंदा संरक्षण अभियान
“परिंदा संरक्षण अभियान” के तहत पक्षियों के लिए पानी और दाना उपलब्ध कराने तथा उनके संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक किया जाता है।
अवधी अभियान
हिंदी एवं अवधी भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के लिए यह अभियान कार्यरत है। साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखा है।
सरदार पटेल अभियान
राष्ट्रीय एकता और अखंडता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने हेतु यह अभियान संचालित है। इसके माध्यम से युवाओं को देशभक्ति और सामाजिक एकता के प्रति प्रेरित किया जाता है।
Latest events, outreach drives, and community gatherings.
स्वरचित 151 हुण्डलियों का संग्रह "सारंग-हुण्डलियाँ" का प्रकाशन
sdsasadf
साझा संग्रह "काव्य-मंजरी" का संपादन प्रकाशन
संपादक, प्रदीप सारंग, 9919007190
ग्रीन चौपाल
माननीय वन मन्त्री जी, उत्तर प्रदेश
नाट्य अभिनय कार्यशाला बाराबंकी
चंद्रभाष सिंह
Community Health Camp
Medical screening and consultations.
News, reflections, and field updates.
सुघरी
मेला जाय की खुशी मा, गोबर की खेप लइकै जाय रही 'सुघरी' के कदमन की चाल आजु अपने आपै कुछ बढ़ी हुई है।
Read articleझरिहख
आजु जब हम सोय कै जागेन, तौ झमाझम बारिस होत रही। झमाझम मतलब वाकई झम-झम, झम-झम कै आवाज कानन मा सुनाय परत रही।
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